Shukra grah: शुक्र ग्रहों में कोमल और सौंदर्यवान माना जाता है और इनको ग्रहों में मंत्री पद प्राप्त है, साथ ही ये जीवन की भावनाओं से संबंध रखता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह को वृष राशि और तुला राशि का स्वामी माना जाता है. जहां शुक्र को ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है वहीं इसके कमजोर होने से यह छिन भी सकता है. जिन लोगों की कुंडली में शुक्र उच्च स्थिति में बैठे हुए होते हैं उनको शारीरिक और मानसिक रूप से कष्ट नहीं होता लेकिन जिनकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है उन लोगों को शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस ग्रह को कई ज्योतिषीय उपायों के द्वारा मजबूत किया जा सकता है...तो आइए ऐसे में ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि, मजबूत और कमजोर शुक्र के लक्षण क्या हैं...