Vish Yoga: ज्योतिष के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में शनि और चंद्र ग्रह की युति को अच्छा नहीं माना जाता है, इसे विषय योग कहा जाता है, कहते हैं कि जिस भी जातक की कुंडली में यह योग होता है वह जिंदगीभर कई प्राकर विष के समान कठिनाइयों का सामना करता है, पूर्ण विष योग माता को भी पीड़ित करता है...तो आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि, शनि-चंद्रमा के संबंध से बनने वाला विष योग जीवन में क्या लाभ-हानि दिलाता है ?...