Aaditya Hridaya Stotra Niyam: ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव ग्रहों के अधिपति माने जाते हैं. सनातन धर्म में सूर्य देवता के रूप में पूजनीय है. सूर्य एक प्रत्यक्ष देवता है. वह समस्त संसार की ऊर्जा का केंद्र है. नवग्रहों में सूर्यदेव को सबसे विशिष्ट स्थान प्राप्त है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पिता, पुत्र, प्रसिद्धि, यश, तेज, आरोग्यता, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का कारक माना गया है. सूर्य की आराधना से व्यक्ति को सूर्य के समान तेज और यश की प्राप्ति होती है. सूर्य को मजबूत करने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना सर्वोत्तम माना जाता है...तो आइए ऐसे में ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि, आदित्य हृदय स्तोत्र क्या है ? और इसका पाठ करने के फायदे क्या हैं ?...