जाने क्यों तू इतनी ख़ूबसूरत सी लगती है | Vajid Ali | Mike ke Lal | Open Mic | Sahitya Tak

नज़रें फेरना चाहूं तो कोई ज़ुर्रत सी लगती है

जाने क्यों तू इतनी ख़ूबसूरत सी लगती है... साहित्य तक द्वारा आयोजित इंडिया टुडे मीडिया प्लेक्स स्थित ऑडिटोरियम में 'माइक के लाल सीजन-2' ओपेन माइक इवेंट में सुनिए 'वाजिद अली' की शानदार कविता. यह इस प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच द्वारा ओपेन माइक का दूसरा आयोजन था, जिसमें इस बार भी 100 से अधिक रचनाकारों ने अपनी प्रविष्टियां भेजीं थीं. इन रचनाकारों ने गूगल फॉर्म के साथ अपनी रचनाओं की ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी थी. साहित्य तक की टीम ने स्क्रीनिंग से सलेक्ट कर 38 रचनाकारों को ओपेन माइक का यह मंच प्रदान किया. इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी साहित्य तक के सभी डिजीटल मंच पर एक साथ किया गया था. आज से हम साहित्य तक- माइक के लाल' के तहत ओपन माइक में पढ़ी गई उन रचनाओं को यहां भी प्रसारित कर रहे हैं. 'वाजिद अली' की इस मंच पर सुनाई गई कविता 'जाने क्यों तू इतनी ख़ूबसूरत सी लगती है'..को आप भी सुन सकते हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. युवा प्रतिभाओं को मंच दिलाने की साहित्य तक की इस मुहिम से जुड़े रहिए, और हर दिन यहीं, इसी वक्त सुनिए माइक के लाल की उम्दा प्रस्तुतियां.