Fakhir Adeeb Shayari | औरत आदमी के बाद ज़िंदा लाश होती है | Mushaira | Sahitya Tak

चेहरों पे झुर्रियों की पहेली बदल गई

आई बहू जो घर में हवेली बदल गई.... फ़ख़ीर अदीब की शानदार ग़ज़ल और नज़्मों का लुत्फ़ उठाएं सिर्फ़ साहित्य तक पर.