पहली नज़र का पहला प्यार | Sanjay Jain | Mother Love Poetry | Sahitya Tak

इंसानों की बस्ती में

अब इंसान नहीं है

मंदिर में मूरत तो है

भगवान नहीं है...आप भी सुनिए संजय जैन की यह कविता सिर्फ साहित्य तक पर.