Geet Chaturvedi Poetry एक तरफ़ से कच्ची, दूसरी तरफ़ से जली हुई | Hindi Kavita | Sahitya Tak

रोटी बेलकर उसने तवे पर बिछाई

और जिस समय उसे पलट देना था रोटी को

ठीक उसी समय एक लड़की का फ़ोन आ गया

वह देर तक भूले रहा रोटी पलटना

मैं वही रोटी हूं

एक तरफ़ से कच्ची, दूसरी तरफ़ से जली हुई...देखिए ये वीडियो सिर्फ़ साहित्य तक पर.