Hindi Poetry | हे ईश्वर क्या तुम किसी के नहीं हो? | IPS Tajender Singh Luthra | Sahitya Tak

मैंने नए ईश्वर से बात की

उसकी बातें चाल ढ़ाल सब वैसा ही था..

मैंने थोड़ा विस्मित हो कर कहा,

हे ईश्वर तुम तो बिल्कुल नहीं बदले... आईपीएस तेजिंदर सिंह लूथरा की ये कविता आप भी सुनें.