हाउसबोट का गुलाबी पर्दा | Ye Ishq Hai में Sanjeev Paliwal | Rashmi Sharma | Love Story | Sahitya Tak

अलिफा हाउसबोट जिसके पर्दे पर लाल-लाल बड़े फूलों का प्रिंट हुआ करता था मुझे कहीं नहीं दिखा…

जगह-जगह खोजने के बाद भी जब अंकल, आंटी और जावेद का कोई ठिकाना नहीं मिला.

मैं सूफी संत नूरुद्दीन नूरानी जिन्हें नुंद ऋषि भी कहा जाता है, की दरगाह में हाजिरी लगाने गई थी.

वहां हिन्दू और मुस्‍लिम दोनों की श्रद्धा है..

मैं वहाँ मन्‍नत के रंगीन धागे बांध आई...

सुना है,

बाबा के मेहर से सब की मुरादें पूरी होती हैं...

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Love Season 2 ये इश्क है, 'इश्क वाला लव' का दुसरे सीज़न की यह तीसरी कहानी है यह कहानी सत्या शर्मा कीर्ति की कहानी है. पूरी कहानी सुनें जाने-माने पत्रकार और अपराध कथा लेखक संजीव पालीवाल से, जिसे साहित्य तक पर अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'इश्क वाला Love' के दुसरे सीज़न के लिए जो की 'ये इश्क है', है. उन्होंने रिकॉर्ड किया है.


नोटः अगर आपके पास भी हो कोई ऐसी कहानी, कोई किस्सा, तो हमें लिख भेजें. क्या पता पसंद आने पर उसे भी मिल जाए यह मंच. हमारा ई-मेल है sahityatak@aajtak.com कृपया विषय के कॉलम में इस बात का उल्लेख अवश्य करें कि यह कहानी 'ये इश्क है' Season 2 के लिए है. कहानी के आखिर में यह शपथ-पत्र भी हो कि यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और स्थान, पात्र व घटनाओं की साम्यता संयोग मात्र है. कहानी के पात्रों व पाठ के दौरान उसके रुपांतरण का पूरा अधिकार साहित्य तक के पास रहेगा.