Love Poetry | साजन सजनी को सावन में जब-जब अंग लगाते हैं | Geeteshwar babu | Geet | Sahitya Tak

सुधियों के मधुबन में जब यादों की कलियां खिलती हैं

तब घर के आंगन का पीपल चंदन वन सा लगता है...गीतेश्वर बाबू घायल की यह शानदार कविता सुनें सिर्फ़ साहित्य तक पर.