Madhu Mohini Upadhyay | जो सीखें हैं अगर थोड़ा, किसी के हो के सीखें हैं | Kavi Sammelan | Sahitya Tak | Tak Live Video

Madhu Mohini Upadhyay | जो सीखें हैं अगर थोड़ा, किसी के हो के सीखें हैं | Kavi Sammelan | Sahitya Tak

हम कुछ रो के सीखें हैं

न हम कुछ रो के सीखें हैं

जो सीखें हैं अगर थोड़ा, किसी के हो के सीखें हैं...कवयित्री मधु मोहिनी उपाध्याय ने साहित्य तक के मंच पर अपनी सुरीली आवाज में यह शानदार रचना पेश की थी. साहित्य तक पर आप भी सुनिए.