Poetry by Pragati Tiwari | पापा मैंने आपको बिखरते देखा है | Mike ke Lal | Open Mic | Sahitya Tak

पापा मैंने आपको बिखरते हुए देखा है... साहित्य तक द्वारा आयोजित इंडिया टुडे मीडिया प्लेक्स स्थित ऑडिटोरियम में 'माइक के लाल सीजन-2' ओपेन माइक इवेंट में सुनिए 'प्रगति तिवारी' की शानदार कविता. यह इस प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच द्वारा ओपेन माइक का दूसरा आयोजन था, जिसमें इस बार भी 100 से अधिक रचनाकारों ने अपनी प्रविष्टियां भेजीं थीं. इन रचनाकारों ने गूगल फॉर्म के साथ अपनी रचनाओं की ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी थी. साहित्य तक की टीम ने स्क्रीनिंग से सलेक्ट कर 38 रचनाकारों को ओपेन माइक का यह मंच प्रदान किया. इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी साहित्य तक के सभी डिजीटल मंच पर एक साथ किया गया था. आज से हम साहित्य तक- माइक के लाल' के तहत ओपन माइक में पढ़ी गई उन रचनाओं को यहां भी प्रसारित कर रहे हैं. 'प्रगति तिवारी' की इस मंच पर सुनाई गई कविता 'पापा मैंने आपको बिखरते देखा है'...को आप भी सुन सकते हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. युवा प्रतिभाओं को मंच दिलाने की साहित्य तक की इस मुहिम से जुड़े रहिए, और हर दिन यहीं, इसी वक्त सुनिए माइक के लाल की उम्दा प्रस्तुतियां.