Rajiv Riyaz Pratapgarhi Shayari | मैं रोटी चुराकर तिहाड़ जेल में हूं | Latest Mushaira | Sahitya Tak

वो क़त्ल कर के भी बैठे हुए हैं संसद में

मैं एक रोटी चुराकर तिहाड़ जेल में हूं... राजीव रियाज़ प्रतापगढ़ी की शानदार ग़ज़लें सुनें सिर्फ़ साहित्य तक पर.