Yaar Tu Mera Dost Nahi Hai Bhai Hai By Akmal Qureshi | Mike Ke Lal | Open Mic | Geet | Sahitya Tak

एक यही बस हुनर हमको आया नहीं

सबको गाते रहे खुद को गाया नहीं

राज़ दिल के कभी तुमने पूछे नहीं

हमने भी फिर तुम्हे कुछ बताया नहीं...साहित्य तक द्वारा आयोजित इंडिया टुडे मीडिया प्लेक्स स्थित ऑडिटोरियम में 'माइक के लाल' ओपेन माइक इवेंट में सुनिए अकमल कुरैशी की शानदार ग़ज़ल. यह इस प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच द्वारा ओपेन माइक का पहला आयोजन था, जिसमें 100 से अधिक रचनाकारों ने अपनी प्रविष्टियां भेजीं थीं. इन रचनाकारों ने गूगल फॉर्म के साथ अपनी रचनाओं की ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी थी. साहित्य तक की टीम ने स्क्रीनिंग से सलेक्ट कर 35 रचनाकारों को ओपेन माइक का यह मंच प्रदान किया. इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी साहित्य तक के सभी डिजीटल मंच पर एक साथ किया गया था. आज से हम साहित्य तक- माइक के लाल' के तहत ओपन माइक में पढ़ी गई उन रचनाओं को यहां भी प्रसारित कर रहे हैं. अकमल कुरैशी की इस मंच पर सुनाई गई ग़ज़ल 'क्या-क्या करना पड़ा शायरी के लिए'... को आप भी सुन सकते हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. युवा प्रतिभाओं को मंच दिलाने की साहित्य तक की इस मुहिम से जुड़े रहिए, और हर दिन यहीं, इसी वक्त सुनिए माइक के लाल की उम्दा प्रस्तुतियां.