धनतेरस में अगर आप इस बार ज्वैलरी खरीदने की सोच रहे हैं तो इन बातों का रखें खास ध्यान! 

 दअरसल, धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसे में सोने की खरीदारी सिर्फ विश्वसनीय जगह या फिर अपने पुराने सुनार के यहां से ही करें.

केंद्र सरकार के मुताबिक ज्वैलरी खरीदते समय ग्राहकों को केवल तीन चीजों का भुगतान करना होता है- 1. ज्वैलरी की कीमत (वजन के हिसाब से), 2. मेकिंग चार्ज  3. जीएसटी (3 फीसदी) देना होता है. 

जब आप ज्वैलरी खरीदते हैं तो देखें कि बिल में क्या-क्या चार्ज जोड़ा है. ज्वेलर्स ग्राहकों को गुमराह करने के लिए बिल में कई तरह के
 चार्ज जोड़ देते हैं और ग्राहक जानकारी के
अभाव में कुछ नहीं कह पाते. 

ज्वैलरी का भुगतान आप ऑनलाइन करें या ऑफलाइन, इस पर आपको केवल 3 फीसदी ही GST का भुगतान करना होता है. इसके अलावा ज्वेलर्स किसी भी तरह का चार्ज करता है तो फिर आप इसकी शिकायत कर सकते हैं.

आपको पता है ज्वैलरी 24 कैरेट सोने से नहीं बनती है. बाजार में उपलब्ध ज्वैलरी 22 कैरेट और 18 कैरेट की होती है. इसलिए खरीदते समय इसका जरूर ध्यान रखें कि उस दिन सर्राफा बाजार में सोने का भाव क्या है? 

जहां तक शुद्धता की बात है तो केवल और केवल हॉलमार्क ज्वैलरी ही खरीदें. सभी कैरेट का हॉलमार्क अलग होता है. जैसे 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है. 

दुकानदार से हमेशा पक्का बिल जरूर लें. ताकि भविष्य में जब आप उस ज्वैलरी को
कहीं भी बेचने जाएं तो उसकी प्योरिटी और
 वजन को लेकर कोई समस्या न हो.

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