धरती पर इंसानों की आबादी 800 करोड़ हुई. जानें कैसे लगाया गया पता?

आबादी का पता लगाने के लिए तीन बातों को ध्यान में रखा जाता है (1. जन्म दर, 2. मृत्यु दर, 3. माइग्रेशन). इन्हीं बातों से किसी भी
देश की आबादी का पता चलता है. 

संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक संस्था जिसका नाम यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (UNFPA) है. ये संस्था अलग-अलग देशों और इलाकों से जुड़े आंकड़े जुटाती है और उसके आधार पर आबादी का अनुमान लगाती है.

बता दें, इस साल जुलाई में संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि 15 नवंबर तक दुनिया की आबादी 800 करोड़ हो जाएगी. 

साथ ही रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि 2030 तक आबादी बढ़कर 850 करोड़ और 2050 तक 970 तक पहुंच जाएगी. वहीं, 2100 तक एक हजार करोड़ के पार जाने
का अनुमान है.

इससे पहले 2011 में दुनिया की आबादी 700 करोड़ जबकि 1998 में 600 करोड़ हुई थी.

आपको बता दें, 11 जुलाई 1987 को दुनिया की आबादी 500 करोड़ पहुंच गई थी. इसी कारण हर साल 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' मनाया जाता है.

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