रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के
 बावजूद इन्हें मिला शांति का नोबेल पुरस्कार 2022.

बता दें, 7 महीने से जंग लड़ रहे यूक्रेन और
रूस के दो संगठनों को शांति का
नोबेल पुरस्कार मिला.

नोबेल समिति ने बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बियालियात्स्की, रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को सम्मानित किया है.

मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बियालियात्स्की
 ने 1980 में बेलारूस की तानाशाही के खिलाफ डेमोक्रेसी मूवमेंट का आगाज किया था. 

 मानवाधिकार संगठन 'मेमोरियल' 1987 में रूस का सबसे बड़ा मानवाधिकार संगठन बना. मेमोरियल ने रूस द्वारा लोगों पर किए गए अत्‍याचारों और युद्ध अपराधों के बारे में जानकारी पूरी दुनिया तक पहुंचाई.

 सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज़ 2007 में बना. इसे यूक्रेन में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित की गई. 

नोबेल समित‍ि के अनुसार, पुरस्कार विजेता अपने देश में समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कई वर्षों तक सत्ता की आलोचना करने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के अधिकार को बढ़ावा दिया है. 

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